क्या अकेलापन भी ले सकता है जान?
Written By: Palak
आज भी समाज में लोग अकेलापन की बीमारी को पागलपन से जोड़ देते हैं जोकि बहुत गलत है. ऐसा करने से बहुत सारे लोग अपने अंदर की इस बीमारी का ईलाज नहीं कराते हैं. उन्हें लगता है कि जब लोगों को यह बात पता चलेगी तो लोग उन्हें गलत तराके से देखने लगेंगे ।
अकेलेपन की बीमारी का कैसे करें पहचान?
आज के समय लोगों के अंदर अकेलेपन की बीमारी हो गई है ऐसा देखा जाता है कि लोग सबके साथ रहते हुएनभी खुदको अकेला महसुस करने लगे लगते हैं. इस बीमारी से समाज का एक बड़ा वर्ग प्रभावित है ऐसे में चलिए जानते है.अकेलेपन से क्या-क्या समस्याएं होने लगती है.अकेलेपन की बीमारी से डिप्रेशन,
याददाश्त जैसी मानसिक बिमारियों को खतरा बढ़ जाता है कई बार लोगों की इस बीमारी में जान भी चली जाती है.अकेलेपन की इस बिमारी से आत्मविश्वास में कमी आने लगती है.केलेपन से नींद का पैटर्न बिगड़ जाता है.इस दौरान व्यक्ति खुदको कोई भी काम बिगड़ने पर दोष देने लगता है. अपने आप को अपनी ही
नजरों में बहुत लॉ फिल करने लगता है. इस बीमारी से हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है।.
अकेलेपन की बीमारी से कैसे आए बाहर सबसे पहले अपनी काउंसलिंग कराए |
आप अपने काम से कुछ समय के लिए ब्रेक लेकर बाहर घूमने जाए|
इस बीमारी से बाहर आने के लिए दोस्तों और परिवार के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताए |
आपकी जो भी हॉबी जैसे की नाचना,गाना,घूमना,पेंटिंग करना उन कामों को करना शुरू करें |
अपने दिन की शुरूआत योग, व्यायाम या सैर जैसी शारीरिक गतिविधियों से करें |
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