संवाददाता: दीपक शर्मा

बुधवार,2 फरवरी 2021,आँगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स की हड़ताल का तीसरा दिन था। इस हड़ताल की शुरुआत 31 जनवरी को हुई, और हर दिन के साथ महिलाओं की संख्या और उनका जोश तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। जामा मस्जिद, चाँदनी चौक व अन्य प्रोजेक्टों की वर्कर्स और हेल्पर्स आज हड़ताल में शामिल हुईं।


शिवानी कौल ने महिलाओं को सम्बोधित करते हुए बताया कि केवल दो दिनों में ही आईसीडीएस और डबल्यूसीडी की हालत बुरी तरह ख़राब हो चुकी है। अवसरवादी ट्रेड यूनियनों और फेडरेशनों ने आँगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स की जुझारू हड़ताल और अवसरवाद से किसी भी रूप में समझौता न करने वाली यूनियन के बारे में दुष्प्रचार करना शुरू कर दिया है।

शिवानी ने इन तमाम संगठनों का खण्डन करते हुए बताया कि ये मौकापरस्त यूनियनें मज़दूर वर्ग और मज़दूर वर्ग के संघर्षों की गद्दार हैं। उन्होंने आगे बताया कि सत्ता में बैठे ये हुक्मरान और इनके प्रचार तन्त्र हमें नक्सली और देशद्रोही करार देंगे, जबकि असल में कारगिल में मरने वाले सैनिकों पर घड़ियाली आँसू बहाने वाली भाजपा कारगिल के शहीदों की ताबूतों के घोटाले करते हुए पायी गयी थी। और यही सरकार पुलिस को भी पन्द्रह-पन्द्रह घण्टे काम करने के लिए मजबूर करती है।

यह सरकार हर दिन देश की सार्वजनिक सम्पत्ति और संसाधनों को बेचने का काम कर रही है। हमारी माँगों को बदनाम करने और हमारी हड़ताल को ख़त्म करने के इस तरह के प्रयास और कुछ नहीं बल्कि इस बात का संकेत हैं कि हमारी हड़ताल से केन्द्र और राज्य सरकारें कितनी परेशान हैं।


यूनियन के कई अनुभवी सदस्यों और वॉलण्टियरों ने यूनियन द्वारा सफलतापूर्वक लड़ी गई पिछली हड़तालों और लड़ाइयों की यादों को भी मंच से साझा किया। कुछ महिला कार्यकर्ताओं ने विशेष रूप से हड़ताल के लिए बनाये गये गीतों को भी प्रस्तुत किया।


भारत की क्रान्तिकारी मज़दूर पार्टी की ओर से सनी ने आज हड़ताल में भागीदारी की और संघर्षरत महिलाओं का समर्थन भी किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का संघर्ष भारतीय राज्यसत्ता द्वारा लम्बे से समय से लागू किये जा रहे निजीकरण की नीति के ख़िलाफ़ है। अब तक सत्ता में आयी सभी पार्टियों ने श्रम के शोषण को वैध ठहराया है और उसे बढ़ावा दिया है, और मुट्ठी भर पूँजीपतियों के मुनाफे की रक्षा की है। सनी ने यह भी कहा कि अपनी माँगों को लेकर अपनी आवाज़ बुलन्द करने वाली आँगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स केवल अपनी माँगों पर ही न रुकें, बल्कि सभी मज़दूरों के साथ एकता बनाकर मज़दूर राज को स्थापित करने के लिए साथ आयें, क्योंकि बिना राज-काज को अपने हाथों में लिए मज़दूर अपना हक़ प्राप्त नहीं कर सकेंगे।


हड़ताल के दौरान महिलाओं ने आज धरना स्थल पर पालनघर का भी इन्तज़ाम किया। पालनाघर में आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बच्चों के लिए खिलौने और अन्य खेल के साधन मौजूद थे। यहाँ आज कला एवं शिल्प सत्र का भी आयोजन किया गया। अतीत में अपनी हड़तालों के अनुभव से सीखते हुए, संघर्षरत महिलाओं ने लम्बी दौड़ के लिए तैयारी की है।


संघर्षरत महिलाओं ने गोदी मीडिया के पूर्ण बहिष्कार की भी घोषणा की। यूनियन की अध्यक्ष शिवानी कौल ने कहा कि महिलाएँ उन सभी मीडिया आउटलेट्स का बहिष्कार करेंगी, जो अपने मालिकों के राजनीतिक हितों की सेवा के लिए हड़ताल को अलग गलत तरीके से पेश करेंगे.


महिला-मज़दूरों ने दिन के अन्त में अपनी माँगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

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