वक़्त के साथ मौसम ने भी ली अंगड़ाई,

बदलते मौसम ने हमेशा तेरी याद दिलाई,

मे हूँ इक हवा का झोका,,

मौसम ने रुख जहाँ किया उसी तरफ मैं चल दिया,

कभी मौसम का मिज़ाज शायारना हुआ,

कभी मौसम का मिज़ाज़ कातिलाना हुआ,

बदलता मौसम खुद से कई बार अनजान हुआ

कभी दिया दुख, तो कभी प्यार का एहसास दिया,

ए बदलते मौसम, क्यू इस तरह अपना मिज़ाज़ बदलता

है,कभी बारिश, कभी तूफान,

कभी मौसम दिल से मेहरबान,

मौसम का यें बदला हसीन मिज़ाज़,

चेहरे पर ला गया प्यारी सी मुस्कान,

कभी धुंए की तरह धुंधला हुआ मौसम,

जो मंजिल थी पास,,,वो दूर सी लगने लगी ,,

जब वक़्त और मौसम ने दिया साथ,

धुंधला मौसम भी हुआ खास ,

पंहुचा दिया मंज़िल के पास,

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